हिंदी भाषा

1)-हिंदी भाषा का विकास क्या है?

प्रारंभ में हिंदी का वह रूप जो अपभ्रंश से विकसित होकर सामने आया वह प्राकृत, अपभ्रंश की शब्दावली से ओत-प्रोत था। धीरे-धीरे हिंदी के इस रूप में विकास हुआ और आगे चलकर उसकी बोलियाँ विकसित हुई। हिंदी भाषा के विकास में हिंदी साहित्य का भी अभूतपूर्ण योगदान रहा है।

2)-हिंदी भाषा विकास के कितने चरण है?
भाषा का विकास कई चरणों से होकर गुजरता है। शिशु सबसे पहले भाषा-पूर्व अवस्था में रोने और सहलाने जैसी आवाजें निकालते हैं, उसके बाद बड़बड़ाने की अवस्था में आते हैं, जहां वे अपनी भाषा से मिलती-जुलती आवाजें निकालते हैं। इसके बाद एक-शब्द चरण, फिर दो-शब्द, टेलीग्राफ़िक और बहु-शब्द चरण आते हैं।
3)-हिंदी भाषा की उत्पत्ति कहाँ से हुई?
हिन्दी की उत्पत्ति अपभ्रंश भाषाओं से है और अपभ्रंश भाषाओं की उत्पत्ति प्राकृत से है। [ ४ ] प्राकृत अपने पहले की पुरानी बोलचाल की संस्कृत से निकली है और परिमार्जित संस्कृत भी (जिसे हम आजकल केवल "संस्कृत" कहते हैं) किसी पुरानी बोलचाल की संस्कृत से निकली है।
4)-हिंदी भाषा का जनक कौन था?
भारतेंदु हरिश्चंद्र को 'आधुनिक हिंदी साहित्य का जनक' कहा जाता है। भारतेंदु हरिश्चंद्र (9 सितंबर 1850 - 6 जनवरी 1885) को हिंदी साहित्य के जनक के रूप में जाना जाता है। भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जन्म 9 सितंबर 1850 को बनारस के कवि गोपाल चंद्र के घर पर हुआ था।
5)-हिंदी भाषा की जननी कौन है?
हिन्दी भाषा की आदि जननी संस्कृत है। हिन्दी का आरंभ लगभग 1100 ई . में हो गया था।



Comments

Popular posts from this blog

आदिकाल के प्रतिनिधि रचनाकार और रचनाएं

हिंदी साहित्य का इतिहास लेखन की परंपरा

रासो काव्य परंपरा